निवेश कहाँ-कहाँ करें
निवेश के लिए कई आस्तियाँ उपलब्ध हैं जिनमें अलग-अलग तरह के जोखिम होते हैं और मुनाफे की संभावना भी अलग-अलग होती है । आप अपने वित्तीय लक्ष्यों, जोखिम उठाने की क्षमता, निवेश की अवधि और अपनी वित्तीय स्थिति के हिसाब से यह तय कर सकते हैं कि आपको कहाँ निवेश करना है ।

आइये जानें कि निवेश कहाँ-कहाँ किया जा सकता है
- शेयर : शेयरों में कंपनी का मालिकाना हक होता है । जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं, तब आप उसके शेयरधारक बन जाते हैं और आपको मिलने वाला मुनाफा (रिटर्न) कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करता है । शेयर का भाव बढ़ने की भी काफी गुंजाइश होती है, लेकिन इनमें बहुत अधिक जोखिम भी होता है, और कंपनी से जुड़े जोखिमों और अर्थव्यवस्था में होने वाले बदलावों की वजह से इनमें काफी उतार-चढ़ाव भी होता है ।
- बॉण्ड : बॉण्ड ऋण प्रतिभूतियाँ (डैट सिक्यूरिटीज़) होते हैं, जिन्हें कंपनियाँ, सरकार, या म्यूनिसिपैलिटी (नगरपालिका आदि) पैसे जुटाने के लिए जारी करती हैं । जब आप कोई बॉण्ड खरीदते हैं, तो आप अपने पैसे बॉण्ड जारी करने वाली कंपनी/सरकार को उधार देते हैं, और बदले में आपको एक निश्चित दर (कूपन) पर ब्याज अदा किया जाता है और बॉण्ड की अवधि पूरी होने पर आपके द्वारा निवेश की गई रकम आपको लौटा दी जाती है । बॉण्ड में निवेश करने पर कुछ जोखिम भी उठाने पड़ते हैं, जैसे ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव संबंधी जोखिम और बॉण्ड जारी करने वाली एंटिटी द्वारा पैसा न दिए जाने संबंधी जोखिम ।
- म्यूचुअल फंड : म्यूचुअल फंड कई निवेशकों से पैसे इकट्ठे करते हैं और फिर अलग-अलग तरह के शेयरों (स्टॉक), बॉण्डों या अन्य प्रतिभूतियों (सिक्यूरिटीज़) में निवेश करते हैं । म्यूचुअल फंड आपके पैसों को अलग-अलग जगह निवेश करता है और म्यूचुअल फंड के जरिये निवेश उन निवेशकों के लिए सुविधाजनक है जो पूँजी बाजार में सीधे निवेश नहीं कर पाते । म्यूचुअल फंड आपके पैसों को पेशेवर ढ़ंग से निवेश करते हैं और उसकी एवज में आपसे थोड़ा-सा शुल्क लेते हैं
- एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) :एक्सचेंज ट्रेडेड फंड म्यूचुअल फंडों के जैसे ही होते हैं, पर वे सक्रिय नहीं होते । इनमें शेयरों में उसी अनुपात में निवेश किया जाता है, जिस अनुपात में वे सूचकांक का हिस्सा हों । इनमें विविधीकरण (डाइवरसिफिकेशन) और अर्थसुलभता (लिक्विडिटी) दोनों होती हैं और अक्सर ये अधिकतर म्यूचुअल फंड की तुलना में अधिक किफायती होते हैं ।
- रियल इस्टेट : रियल इस्टेट का अर्थ है – किराये से होने वाली आमदनी या संपत्ति की कीमत में होने वाली वृद्धि से लाभ उठाने के लिए संपत्तियाँ खरीदना । रियल इस्टेट से होने वाली आय के लिए आपको बहुत कम प्रयत्न करने पड़ते हैं । हालांकि, रियल इस्टेट में किए जाने वाले निवेश में भी अलग तरह के जोखिम होते हैं, जो संपत्ति के प्रकार, उसके स्थान, बाजार के माहौल पर निर्भर करते हैं और इसमें अर्थसुलभता (लिक्विडिटी) भी कम होती है ।
- बहुमूल्य धातुएँ : अक्सर लोग अर्थव्यवस्था में अनिश्चिता की स्थिति और महंगाई से बचने के लिए सोना, चाँदी जैसी बहुमूल्य धातुएँ खरीदकर अपने पास रखते हैं । बहुमूल्य धातुओं में निवेश या तो उन्हें बाजार से सीधे खरीदकर या फिर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड के माध्यम से किया जा सकता है । बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में अर्थव्यवस्था में होने वाले बदलावों, भू- राजनीतिक स्थितियों और मांग-आपूर्ति की वजह से उतार-चढ़ाव देखा जाता है ।