निवेश करने से पहले किन-किन बातों पर विचार करें
जब आप समझदारी से निवेश करते हैं, तो आपका पैसा बचत बैंक खाते में रखे पैसे की तुलना में काफी तेजी से बढ़ सकता है । यह भी याद रखें कि निवेश में जोखिम उठाना पड़ सकता है, और रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती । इसलिए, निवेश शुरू करने से पहले आपको कुछ बुनियादी बातें जान लेनी चाहिए ।
सोच-समझकर निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले आपको कुछ बातों पर विचार करना चाहिए:
- आपके लक्ष्य – आपको यह स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए कि आप किस लक्ष्य को पाने के लिए निवेश कर रहे हैं । आप घर खरीदने के लिए निवेश कर रहे हैं, बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए एक बड़ी राशि जुटाने के लिए निवेश कर रहे हैं या फिर सेवानिवृत्ति के लिए निवेश कर रहे हैं ?
- आप कितने समय के लिए निवेश करना चाहते हैं – यह तय करें कि आप कितने समय के लिए निवेश करना चाहते हैं । लंबी अवधि तक निवेश करने से आपकी जमापूँजी चक्रवृद्धि ब्याज के हिसाब से बढ़ेगी । (अधिक जानकारी के लिए “चक्रवृद्धि ब्याज की अहमियत समझें और उसी हिसाब से अपनी जमापूँजी बढ़ाएँ” खंड को पढ़ें)
- आपकी जोखिम उठाने की क्षमता – आकलन कर लें कि आप निवेश के मूल्य में किस हद तक उतार-चढ़ाव का जोखिम या नुकसान उठा सकते हैं । आपको यह समझना होगा कि जहाँ अधिक मुनाफा होने की संभावना होती है वहाँ जोखिम भी अधिक होता है ।
- निवेश संबंधी जानकारी : निवेश की बुनियादी बातें जानें और निवेश की ओर पहला कदम बढ़ाएँ । यदि आपने अभी निवेश करना शुरू किया है, तो शुरूआत में निवेश के आसान विकल्प ही चुनें और बाद में डेरिवेटिव जैसे जटिल उत्पादों में निवेश करें (अधिक जानकारी के लिए यह वीडियो देखें: डेरिवेटिव में ट्रेडिंग करने का निर्णय सोच-समझकर लें)
- निवेश करते समय तीन बातों पर विचार करें -
- सुरक्षा: सुरक्षा का अर्थ है - निवेश के लिए लगाई गई मूल धनराशि कितनी सुरक्षित है ।
- मुनाफा (रिटर्न): मुनाफे (रिटर्न) का अर्थ है - एक निश्चित अवधि में आपको अपने निवेश से कितना मुनाफा मिल सकता है ।
- अर्थसुलभता (लिक्विडिटी):अर्थसुलभता (लिक्विडिटी) का अर्थ है – आप कितनी आसानी से अपने निवेश का पैसा निकाल सकते हैं, और ऐसा करने से निवेश के बाजार मूल्य पर कितना असर पड़ेगा ।
- पिछला प्रदर्शन बनाम भावी संभावनाएं: पिछले प्रदर्शन से आप अंदाजा लगा सकते हैं, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं होती कि हर बार मुनाफा पिछली बार की तरह ही होगा । इसीलिए, आप बुनियादी बातों और भावी संभावनाओं को देखकर ही निवेश करें ।
- अलग-अलग जगह निवेश करना (विविधीकरण / डाइवरसिफिकेशन): अर्थव्यवस्था में होने वाले बदलाव का अलग-अलग आस्तियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है । अलग-अलग आस्तियों में निवेश करने से किसी एक आस्ति के खराब प्रदर्शन करने पर आपको ज्यादा नुकसान नहीं होगा । इस उद्देश्य से शेयरों, बॉण्डों, रियल इस्टेट, कमोडिटी व अन्य आस्तियों में निवेश किया जा सकता है ।
- निवेश कहाँ-कहाँ और कितना-कितना करें:इस बात का निर्णय निवेशक के लक्ष्यों, उसकी जोखिम उठाने की क्षमता, निवेश की अवधि और बाजार के नजरिये के आधार पर किया जाता
है ।
इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप सेबी के निवेशक वेबसाइट पर दिए हुए ऑनलाइन कैल्कुलेटर का इस्तेमाल करें, जिसका लिंक इस प्रकार है :
https:// investor.sebi.gov.in/calculators/Assets Allocations.html - इस बात पर भी ध्यान दें कि कितना कर लगेगा: आपको यह भी देखना चाहिए कि आपके निवेश पर कितना कर लगेगा । अलग-अलग आस्तियों पर अलग-अलग तरह से कर लगता है ।
- निवेश पर नज़र रखें : अपने निवेश पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें और आवश्यकता पड़ने पर उसमें बदलाव भी करें, जैसे :
- यदि किए गए निवेश से आपके उद्देश्य पूरे न हो रहे हों, तो आप निवेश में कुछ बदलाव कर सकते हैं ।
- जीवन के महत्त्वपूर्ण पड़ावों जैसे विवाह के समय, बच्चे होने पर, सेवानिवृत्त होने पर आपकी जरूरतें बदल जाती हैं, इसीलिए ऐसे मौकों पर आप अपने पोर्टफोलियो की समीक्षा जरूर करें ।

To know more please watch the following videos:
(i) Invest only in regulated products
(ii) Invest karo aur Monitor karo