बाजार सूचकांक - सेंसेक्स और निफ्टी क्या होते हैं

प्रतिभूति बाजार में सूचकांक क्या होता है?

प्रतिभूति बाजार सूचकांक एक पैमाना है जिससे यह पता चलता है कि प्रतिभूति बाजार कुल मिलाकर कैसा प्रदर्शन कर रहा है या फिर कोई विशेष क्षेत्र कैसा प्रदर्शन कर रहा है । सूचकांक से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि अर्थव्यवस्था कैसी चल रही है । जब प्रतिभूति बाजार सूचकांक ऊपर जाता है, तो इसका मतलब है - निवेशकों को लग रहा है कि बाजार बढ़िया प्रदर्शन करेगा । तो वहीं, जब सूचकांक नीचे जाता है, तो इसका मतलब होता है - निवेशकों को लग रहा है कि बाजार खराब प्रदर्शन करेगा या फिर निवेशक बाजार के बारे में आश्वस्त नहीं हैं । .

भारत में प्रमुख सूचकांकों के नाम हैं – एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50

एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स:

एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स भारत में सबसे पुराना और सबसे प्रचलित प्रतिभूति बाजार सूचकांक है । इसमें भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों की 30 बड़ी और जानी-मानी कंपनियों को शामिल किया जाता है । सेंसेक्स से पता चलता है कि इन सबसे बड़ी 30 कंपनियों का प्रदर्शन कैसा है । अगर ये कंपनियाँ अच्छा प्रदर्शन करती हैं, तो सेंसेक्स ऊपर जाएगा । यदि वे अच्छा प्रदर्शन नहीं करतीं, तो सेंसेक्स नीचे जाएगा ।

एनएसई निफ्टी 50:

एनएसई निफ्टी में एनएसई में सूचीबद्ध ऐसी 50 कंपनियों को शामिल किया जाता है, जो सबसे बड़ी हैं और जिनके शेयरों में सबसे अधिक ट्रेडिंग होती है । इस सूचकांक से भी पता चलता है कि इन कंपनियों का प्रदर्शन कैसा है ।

Other Sectoral Indices:

इसके अलावा, भारत में दूसरे सूचकांक भी हैं जो विशेष क्षेत्रों से संबंधित हैं, जैसे बीएसई हेल्थकेयर इंडेक्स, बीएसई बैंकर इंडेक्स और एनएसई आईटी इंडेक्स । किसी क्षेत्र विशेष से संबंधित ये सूचकांक उन निवेशकों के लिए काफी उपयोगी होते हैं जो किसी विशेष उद्योग या क्षेत्र में ही अपना पैसा लगाना चाहते हैं ।

सूचकांकों का इस्तेमाल

  1. बाजार के उतार-चढ़ाव का पता चलता है:
  2. जब सूचकांक बढ़ता है, तो इसका मतलब होता है कि पूरा प्रतिभूति बाजार (सिक्यूरिटीज़ मार्केट) या संबंधित क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहा है । जब सूचकांक गिरता है, तो इसका मतलब होता है कि प्रतिभूति बाजार या संबंधित क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहा है ।

  3. प्रदर्शन का पता चलता है:
  4. निवेशक प्रतिभूति बाजार के प्रदर्शन का पता लगाने के लिए और सोच-समझकर निवेश करने का फैसला करने के लिए प्रतिभूति बाजार सूचकांकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। म्यूचुअल फंडों जैसे निवेश के साधनों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने प्रदर्शन की तुलना किसी ऐसे बेंचमार्क सूचकांक से करें जो स्कीम के निवेश उद्देश्य से मेल खाता हो ।

    यह ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि प्रतिभूति बाजार सूचकांक भविष्य के प्रदर्शन की कोई गारंटी नहीं हैं । प्रतिभूति बाजार में उतार-चढ़ाव होते रहते हैं, और थोड़े समय में ही सूचकांक के स्तरों में काफी उतार-चढ़ाव हो सकता है । निवेशकों को निवेश करने से पहले खुद अच्छी तरह से जाँच-पड़ताल करनी चाहिए, या फिर प्रतिभूति बाजार से संबंधित पेशेवरों की मदद लेनी चाहिए ।