उधार लेने से पहले सोचें

आपको पैसा उस स्थिति में उधार लेना पड़ता है जब आपको कुछ खरीदने की इच्छा हो और आपके पास इतनी बचत न हो या फिर बीमारी आदि की स्थिति में होने वाले खर्चे आपकी बचत से अधिक हो जाएँ । आपको यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि अनावश्यक या टाले जा सकने वाले खर्चों के लिए कभी भी उधार नहीं लेना चाहिए । पैसे उधार लेने से आपके ऊपर बहुत अधिक जिम्मेदारियाँ आ सकती हैं और इससे आगे चलकर जोखिम भी हो सकता है ।

बैंक कई प्रकार के ऋण देते हैं, जैसे कार खरीदने के लिए ऋण (कार ऋण), घर खरीदने के लिए ऋण (आवास ऋण) । ऋण या तो जमानती होता है या फिर गैर-जमानती । जमानती ऋण में संपत्ति को बैंक के पास जमानत के तौर पर गिरवी रखा जाता है । यदि जमानती ऋण अदा न किया जाए, तो ऋण की वसूली के लिए गिरवी रखी गई संपत्ति को बेचा भी जा सकता है । आवास ऋण, कार ऋण जमानती ऋण ही हैं । गैर-जमानती ऋण (जैसे पर्सनल लोन) के मामले में संपत्ति को जमानत के तौर पर गिरवी नहीं रखा जाता ।

उधार लेने से पहले

  • यह देख लें कि उधारदाता विनियमित है या फिर उसने लाइसेंस आदि लिया हुआ है । कभी भी ऐसे उधारदाता से उधार न लें जिसने लाइसेंस आदि नहीं लिया हुआ या फिर जो विनियमित नहीं है ।
  • यह अच्छी तरह देख लें कि आप ऋण चुका पाएँगे या नहीं ।
  • अलग-अलग उधारदाताओं द्वारा लिए जाने वाले ब्याज की तुलना कर लें । इससे आपको पता चलेगा कि सबसे कम ब्याज दर किसकी है ।
  • यह देख लें कि ब्याज की गणना कैसे की जा रही है । एक समान ब्याज दर लगने पर, आपके द्वारा उधार ली गई मूलधन की पूरी राशि पर ब्याज लगता है । दूसरी ओर, घटती ब्याज दर में, केवल बकाया राशि पर ही ब्याज लिया जाता है, इसलिए धीरे-धीरे ब्याज की रकम कम होती जाती है ।
  • आप अपनी क्षमता के हिसाब से ही यह तय करें कि आपको कितनी अवधि में उधार ली गई रकम की चुकौती करनी है । चुकौती की अवधि जितनी कम होगी, ब्याज भी उतना ही कम लगेगा ।
  • ऋण संबंधी करार आदि पर हस्ताक्षर करने से पहले यह भी देख लें कि कौन-कौनसे शुल्क आदि लिए जाएँगे, जैसे प्रोसेसिंग फीस, समय से पहले भुगतान करने पर लगने वाला शुल्क, देरी से भुगतान करने पर लगने वाला शुल्क, आदि ।

उधार लेने के बाद

पैसे उधार लेने के बाद, नीचे दी गई बातों का ध्यान रखें :

  • सभी किस्तें समय पर अदा करें और किस्त की पूरी राशि का ही भुगतान करें, ताकि आपको जुर्माने के तौर पर अतिरिक्त शुल्क न देने पड़ें ।
  • यदि आपके पास कुछ पैसे इकट्ठे हो गए हैं, तो आप अपने ऋण के कुछ हिस्से या फिर पूरे ऋण को ऋण की अवधि समाप्त होने से पहले ही चुका दें । ऐसा करने से पहले यह पता लगा लें कि इस प्रकार अवधि पूरी होने से पहले पैसा चुकाने पर कोई जुर्माना तो नहीं लगाया जाएगा ।
  • समय-समय पर लिए हुए उधार की समीक्षा करते रहें ।
  • बहुत अधिक पैसा उधार लेने या ज्यादा ऋण लेने से बचें । इससे आप पर बहुत अधिक बोझ पड़ सकता है ।