समय रहते यह तय कर लें कि आपके बाद आपकी धन-संपत्ति किसे मिले
धन-संपत्ति में आपका घर, कार, बचत, बीमा, निवेश, फर्नीचर, व्यक्तिगत संपत्ति आदि सब कुछ शामिल है । इस संबंध में योजना बनाकर आप समय रहते यह तय कर सकते हैं कि आपके बाद आपकी धन- संपत्ति किसे मिले । इसमें इस बात का रिकॉर्ड रखा जाता है कि आपके बाद आपके प्रियजनों और परिवार के सदस्यों को क्या-क्या मिलेगा ।
यह योजना बनाने से :
- आपकी मृत्यु हो जाने के बाद, मुश्किल वक्त में आपके कानूनी उत्तराधिकारियों को आपकी धन-संपत्ति आसानी से मिल जाती है और इस प्रक्रिया में बहुत कम समय लगता है ।
- आपकी धन-संपत्ति का बँटवारा, आपकी इच्छानुसार और बिना किसी विवाद के हो जाता है ।
धन-संपत्ति के संबंध में योजना बनाते समय इस बात का रिकॉर्ड रखा जाता है कि आप आपके प्रियजनों और परिवार के सदस्यों को क्या देना चाहते हैं । धन-संपत्ति के संबंध में योजना नीचे दिए गए दस्तावेजों के जरिये बनाई जाती है:
- वसीयत : इस दस्तावेज में इस बात का रिकॉर्ड रखता है कि आपकी मृत्यु हो जाने के बाद आपकी धन-संपत्ति का बँटवारा कैसे किया जाएगा । यदि आपके बच्चे अभी छोटे हैं, तो इसमें इस बात का भी उल्लेख होता है कि आपके बाद आपके छोटे बच्चों की देखभाल कौन करेगा । कुछ मामलों में, वसीयत की प्रोबेट की कानूनी प्रक्रिया जरूरी होती है । इस प्रक्रिया में न्यायालय वसीयत को प्रमाणित करता है ।
- मुख्तारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) : इस दस्तावेज़ के माध्यम से आप किसी विश्वसनीय, जिम्मेदार व्यक्ति को कानूनी रूप से यह अधिकार देते हैं कि आपकी अनुपस्थिति में उस व्यक्ति द्वारा आपकी धन-संपत्ति आदि के संबंध में कार्यवाही की जा सकती है ।
अपनी वसीयत की समय-समय पर समीक्षा करें और उसमें दी गई किसी जानकारी में कोई बदलाव होने पर उसमें तुरंत संशोधन करें : जीवन में हालात और कानून बदलते रहते हैं, इसलिए यह जरूरी है कि आप अपनी धन-संपत्ति की योजना की समय-समय पर समीक्षा करते रहें और उसमें दी गई किसी जानकारी में कोई बदलाव होने पर उसमें तुरंत संशोधन करें, ताकि वह हर समय उपयुक्त और समय के अनुरूप बनी रहे ।