प्रतिभूति बाजार (सिक्यूरिटीज़ मार्केट) में निवेश करते समय क्या करें और क्या न करें

निवेशकों को अपने अधिकार, जिम्मेदारियाँ अच्छी तरह से पता होनी चाहिए और साथ ही, उन्हें यह भी पता होना चाहिए कि निवेश करते समय उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

क्या करें

  • प्रतिभूति बाजार (सिक्यूरिटीज़) में निवेश करने के संबंध में आप सेबी से रजिस्ट्रीकृत निवेश सलाहकार से संपर्क करें ।
  • निवेश करने के अपने उद्देश्य और जोखिम उठाने की अपनी क्षमता के अनुसार ही किसी स्कीम / उत्पाद (प्रोडक्ट) में निवेश करें ।
  • लेनदेन होने के 24 घंटों के भीतर, सौदों (ट्रेड) हेतु विधिमान्य संविदा नोट (कॉण्ट्रैक्ट नोट) / पुष्टि-ज्ञापन (कन्फर्मेशन मेमो) जरूर प्राप्त कर लें । अपने डीमैट खाते में अपने पोर्टफोलियो पर नियमित रूप से नज़र रखें ।
  • हस्ताक्षर करने से पहले सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें ।
  • अधिक जानने के लिए, कृपया निम्नलिखित वीडियो देखें:

  • अपने खातों पर लागू सभी प्रभारों / फीस / दलाली (ब्रोक्रेज) के बारे में पूरी जानकारी रखें और उसका रिकॉर्ड रखें ।
  • हस्ताक्षर किए गए दस्तावेजों, प्राप्त खाता विवरणों, संविदा नोट (कॉण्ट्रैक्ट नोट) और किए गए भुगतान का रिकॉर्ड रखें ।
  • समय-समय पर अपनी पैसे संबंधी आवश्यकताओं / लक्ष्यों और अपने पोर्टफोलियों की समीक्षा करें, ताकि यह पता चलता रहे कि मौजूदा पोर्टफोलियो से आपकी आवश्यकताओं को पूरा करना / लक्ष्यों को पाना संभव है या नहीं ।
  • अपने सौदों आदि के लिए हमेशा बैंकिग चैनल से ही भुगतान करें, यानी कि नकद में लेनदेन न करें ।
  • अपने बारे में दी गई जानकारी को हमेशा अद्यतन रखें । आपके पते या बैंक संबंधी ब्यौरों या ई-मेल आईडी अथवा मोबाइल नंबर में बदलाव होने पर, अपने स्टॉक दलाल / निक्षेपागार सहभागी (डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट) को तुरंत सूचित करें । चूंकि अब सिम कार्ड विभिन्न सेवा प्रदाताओं के पास पोर्ट कराया जा सकता है, इसलिए निवेशक अपने संबंधित खातों में एक ही मोबाइल नंबर जोड़कर रख सकते हैं । (सभी महत्त्वपूर्ण लेनदेनों में मोबाइल नंबर की अहम भूमिका होती है)
  • अधिक जानने के लिए, कृपया निम्नलिखित वीडियो देखें:

  • अपने सभी निवेशों के लिए नामांकन करवाकर रखें । डीमैट खाते में एक से अधिक नामांकन करवाए जा सकते हैं ।
  • अपने चल खाते (रनिंग अकाउंट) का निपटान समय-समय पर करते रहें (30 / 90 दिनों में एक बार, जैसा आप चुनें) ।
  • अपने चल खाते (रनिंग अकाउंट) की नियमित रूप से जाँच करते रहें ।
  • समय-समय पर अपने ट्रेडिंग अकाउंट की जाँच और समीक्षा करें ।
  • किए गए सौदों (ट्रेड) के संबंध में एक्सचेंज की ओर से मिलने वाले दैनिक एसएमएस और ई-मेल को हमेशा देखते रहें ।
  • ट्रेडिंग मेम्बर के पास रखे गए निवेशकों के पैसों और प्रतिभूतियों के संबंध में एक्सचेंज की ओर से मिलने वाले मासिक एसएमएस और ई-मेल की नियमित रूप से जाँच करते रहें ।

क्या न करें

  • निवेश करने के लिए उधार न लें ।
  • अरजिस्ट्रीकृत दलालों (ब्रोकर) / अन्य अरजिस्ट्रीकृत मध्यवर्तियों (इंटरमीडियरी) के साथ लेनदेन न करें ।
  • मध्यवर्ती (इंटरमीडियरी) को निर्धारित दलाली (ब्रोक्रेज) / प्रभारों से अधिक का भुगतान न करें ।
  • किसी भी दस्तावेज की शर्तों आदि को पूरी तरह समझे बिना मध्यवर्ती (इंटरमीडियरी) के साथ किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर आदि न करें ।
  • किसी भी फॉर्म या सुपुर्दगी अनुदेश पर्ची (डी.आई.एस.) को भरे बिना उस पर हस्ताक्षर न करें ।
  • स्टॉक दलाल / निक्षेपागार सहभागी (डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट) के पक्ष में साधारण मुख्तारनामा (जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) न करें । यदि आप मुख्तारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) करना चाहते हैं, तो विशेष मुख्तारनामा करते हुए पूरी सावधानी बरतें ।
  • विवाद होने की दशा में, मुनासिब समय के भीतर, मध्यवर्ती (इंटरमीडियरी) / स्टॉक एक्सचेंज / सेबी के पास लिखित शिकायत दर्ज करवाएँ ।
  • डब्बा ट्रेडिंग गैर-कानूनी है । अगर आपको ऐसा लगता है कि ऐसा करने से आपको कम खर्च करना पड़ रहा है, तो भी इसमें शरीक न हों क्योंकि इसमें स्टॉक एक्सचेंजों के माध्यम से किए गए सौदों की तरह सुरक्षा और गारंटी नहीं होती ।
  • अपने निवेश संबंधी निर्णय लेते समय अफवाहों (टिप्स) पर भरोसा न करें, क्योंकि हो सकता है कि वह अफवाह ऐसे व्यक्ति ने फैलाई हो जो अपनी उन प्रतिभूतियों को बेचना चाहता हो, जिन्हें बेचना काफी मुश्किल हो । अफवाहें फैलाना भी गैर-कानूनी है और इसकी सूचना सेबी को दी जानी चाहिए ।
  • कभी भी अपने ऑन-लाइन खाते का पासवर्ड किसी को न बताएँ । पासवर्ड बार-बार बदलते रहें ।
  • अधिक जानने के लिए, कृपया निम्नलिखित वीडियो देखें:

    (i) अफवाहों पर विश्वास न करें


    (ii) सामूहिक निवेश योजना (CIS) संबंधी अफवाहें


    (iii) अनपेक्षित स्टॉक टिप्स


    (iv) अपना पासवर्ड किसी को न बताएं

  • पोंज़ी स्कीमों, अरजिस्ट्रीकृत चिट फंडों, अरजिस्ट्रीकृत सामूहिक निवेश स्कीमों (कलैक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम) या अरजिस्ट्रीकृत जमा स्कीमों (डिपॉज़िट स्कीम) के झाँसे में न आएँ ।
  • अपने केवाईसी (अपने ग्राहक को जानिये) संबंधी दस्तावेजों में खाली स्थानों को काटना न भूलें ।
  • यदि आप कम्प्यूटर नहीं जानते, तो डिजीटल कॉण्ट्रैक्ट का विकल्प न चुनें ।